हरियाणा सरकार ने पशुओं के इलाज को बेहतर बनाने के लिए पॉलिक्लिनिक और अस्पतालों में गैस एनेस्थीसिया मशीन, अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट उपकरण और BSL-2 लैब स्थापित करने की मंजूरी दी।
हरियाणा सरकार ने राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश के पशु पॉलिक्लिनिक और सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पशुपालकों को अपने पशुधन का बेहतर और किफायती इलाज मिल सके।
हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में गैस एनेस्थीसिया मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण और “बायो सेफ्टी लैब लेवल-2” स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मंत्री ने बताया कि गैस एनेस्थीसिया मशीन की मदद से पशुओं की सर्जरी अब अधिक सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी। यह तकनीक इंजेक्टेबल एनेस्थीसिया की तुलना में ज्यादा नियंत्रित, सटीक और सुरक्षित मानी जाती है, जिससे पशुओं की रिकवरी भी तेज होती है और उनके हृदय व अन्य अंगों पर कम दबाव पड़ता है।
इसके साथ ही हिसार, रायपुररानी और सोनीपत में “बायो सेफ्टी लैब लेवल-2” स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं में मध्यम जोखिम वाली संक्रामक बीमारियों की जांच की जाएगी, जिससे पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके और संक्रमण को रोका जा सके। इन लैब्स में आधुनिक सुरक्षा उपकरण, बायोसेफ्टी कैबिनेट और कीटाणुशोधन की सुविधाएं होंगी।
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पशु चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनें भी खरीदी जाएंगी। इन मशीनों से पशुओं के आंतरिक अंगों, गर्भावस्था, ट्यूमर और अन्य बीमारियों का बिना किसी नुकसान के सटीक पता लगाया जा सकेगा। इससे इलाज की प्रक्रिया और भी तेज और भरोसेमंद हो जाएगी।
इसके अलावा, अब पशुओं के ब्लड टेस्ट की सुविधा भी सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध होगी। पहले यह सुविधा सीमित जगहों पर थी, लेकिन नए उपकरणों की खरीद के बाद पशुपालकों को मुफ्त जांच की सुविधा मिलेगी और इलाज में देरी नहीं होगी।
श्याम सिंह राणा ने कहा कि पशु ही किसानों और पशुपालकों की आर्थिक रीढ़ होते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं के जरिए पशुधन की सेहत सुधारी जाए, ताकि पशुपालकों की आय बढ़े और उनका जीवन स्तर मजबूत हो सके।

