सिख धर्म के नौवें गुरु, साहस और मानवता के प्रतीक श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें स्मरण किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारों, धार्मिक स्थलों और विभिन्न संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस पावन अवसर पर लोगों ने गुरु साहिब की अद्वितीय हिम्मत, त्याग और बलिदान को नमन किया। धर्म, मानवता और सत्य की रक्षा के लिए उनका अटूट संकल्प आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत केवल किसी एक धर्म या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए थी। उनकी कुर्बानी ने भारत की धार्मिक स्वतंत्रता, समन्वय और सद्भावना की परंपरा को नई ऊंचाई प्रदान की।
देशभर में आयोजित विभिन्न समागमों में कीर्तन, अरदास, प्रवचन और सेवा कार्यों के माध्यम से गुरु साहिब के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया गया। कई स्थानों पर इतिहास से जुड़े प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें उनके जीवन और शिक्षाओं को दर्शाया गया।
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस ने एक बार फिर भारतीय समाज को उनके त्याग, समर्पण और मानवता के लिए किए गए अमूल्य योगदान को याद करने का अवसर दिया। उनकी यह महान विरासत आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਦੇ 350ਵੇਂ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਵਸ 'ਤੇ, ਅਸੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਬੇਮਿਸਾਲ ਹਿੰਮਤ ਅਤੇ ਕੁਰਬਾਨੀ ਨੂੰ ਨਮਨ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਧਰਮ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਰੌਸ਼ਨ ਕਰੇਗੀ। pic.twitter.com/LUPYVU1DgX
— Narendra Modi (@narendramodi) November 25, 2025


