गीता जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशभर के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का अवतरण दिवस भारतीय संस्कृति, दर्शन और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर युग में मानवता को मार्गदर्शन देता आया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में गीता का विशेष स्थान है। यह दिव्य ग्रंथ कर्तव्य-पालन, अनुशासन, धर्म और निष्काम कर्म जैसे मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समझाता है। उन्होंने कहा कि गीता के श्लोक हर पीढ़ी को ऊर्जावान, जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा देते रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि गीता का संदेश केवल आध्यात्मिक जगत तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करने वाला है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को ‘जय श्री कृष्ण’ के साथ इस पावन पर्व पर शुभकामनाएं दीं और आग्रह किया कि गीता के कालजयी उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें।
देशभर के मेरे परिवारजनों को श्रीमद्भगवद्गीता के अवतरण से जुड़े पावन दिवस ‘गीता जयंती’ की ढेर सारी शुभकामनाएं। कर्तव्य-पालन के अनमोल संदेशों से सुशोभित इस दिव्य ग्रंथ का भारतीय पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में अत्यंत विशिष्ट स्थान रहा है। इसके दिव्य श्लोक हर पीढ़ी को… pic.twitter.com/2ojqdCZLDK
— Narendra Modi (@narendramodi) December 1, 2025


