प्रकाश का महापर्व दीपावली अब वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान हासिल करता नजर आ रहा है। भारत की प्राचीन संस्कृति, लोक परंपराओं और जीवन-दर्शन का प्रतीक दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Heritage List) से जोड़े जाने को भारत की आत्मा और जनमानस के वैश्विक सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर कहा गया कि यह उपलब्धि केवल एक सांस्कृतिक सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत की अंतरराष्ट्रीय सराहना भी है। दीपावली सदियों से सत्य, धर्म और प्रकाश के विजय संदेश का प्रतीक रही है, जो भारतीय जीवन मूल्यों को विश्व पटल पर दर्शाती है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को निरंतर वैश्विक मंचों पर मजबूती से प्रस्तुत किए जाने के प्रयासों के बीच दीपावली को मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता देश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
समाज के सभी वर्गों ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श और दीपावली का संदेश आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा और भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्व में और सुदृढ़ बनाएगा।
दीपावली हुई अब और भी ग्लोबल!
हमारी प्राचीन संस्कृति, लोक परंपराओं तथा जीवन-दर्शन का प्रतीक, प्रकाश के महापर्व दीपावली को @UNESCO द्वारा आधिकारिक रूप से अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Heritage List) की मान्यता मिलना, भारत की आत्मा और उसके जनमानस का वैश्विक सम्मान है।
यह… pic.twitter.com/lqjUoYAciH
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 10, 2025


