प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “अयोध्या वह पवित्र भूमि है, जहां आदर्श केवल बोले नहीं जाते, बल्कि आचरण में परिवर्तित होते हैं।” उन्होंने कहा कि अयोध्या सदियों से भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्शवादी जीवनशैली का प्रतीक रही है, और यही धरती मानवता को धर्म, करुणा और कर्तव्य का संदेश देती रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या न केवल आध्यात्मिक केंद्र के रूप में, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक तीर्थ के रूप में नई पहचान बना रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह वह स्थान है जहाँ ‘मर्यादा पुरुषोत्तम राम’ के जीवन मूल्य आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि अयोध्या की संस्कृति में आदर्श और त्याग की परंपरा रची-बसी है, जो हमें राष्ट्र निर्माण की दिशा में समर्पण और अनुशासन से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का विकास देश के समग्र आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्थान का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रदेश व स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की भी सराहना की और कहा कि आने वाले वर्षों में अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगी।
अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श…आचरण में बदलते हैं: PM @narendramodi pic.twitter.com/elzUvALvUr
— PMO India (@PMOIndia) November 25, 2025


