उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत किसानों के बच्चों को अब ₹60,000 सालाना स्कॉलरशिप मिलेगी। जानें पात्रता, नए नियम और आवेदन प्रक्रिया।
उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना अब पहले से आसान हो सकता है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाकर 60,000 रुपये सालाना कर दी है। इसके साथ ही योजना में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की निर्धारित सीटों को भी दोगुना किया गया है। इस फैसले से कृषि और उससे जुड़े विषयों की पढ़ाई करने वाले अधिक मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से संचालित इस योजना का उद्देश्य किसान परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। नई व्यवस्था के तहत चयनित विद्यार्थियों को हर महीने 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। पहले यह राशि 3,000 रुपये प्रतिमाह थी।
अब हर साल मिलेगी 60 हजार रुपये की छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में पहले पात्र विद्यार्थियों को सालाना 36,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। छात्रवृत्ति की राशि बढ़ने के बाद अब विद्यार्थियों को एक वर्ष में 60,000 रुपये मिल सकेंगे।
इस बदलाव से प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को पहले के मुकाबले सालाना 24,000 रुपये अधिक मिलेंगे। इस राशि से विद्यार्थियों को पढ़ाई, किताबों, शैक्षणिक सामग्री और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
योजना में किए गए प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
- मासिक छात्रवृत्ति 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई।
- वार्षिक सहायता राशि 36,000 रुपये से बढ़कर 60,000 रुपये हुई।
- छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें 1,410 से बढ़ाकर 2,820 की गईं।
- पात्र विद्यार्थियों का चयन शैक्षणिक योग्यता और मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
छात्रवृत्ति की सीटें भी हुईं दोगुनी
सरकार ने योजना के तहत अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी की है। पहले प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय और कृषि संस्थान में 45 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान था। अब यह संख्या बढ़ाकर 90 कर दी गई है।
इसी तरह, प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की निर्धारित संख्या 15 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है।
इस योजना का लाभ प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को दिया जाता है। सीटों की संख्या बढ़ने से किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने की संभावना है।
किन विषयों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कृषि शिक्षा के साथ-साथ संबंधित विषयों में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है।
इसमें कृषि स्नातक, कृषि स्नातकोत्तर, गृह विज्ञान, उद्यानिकी, वानिकी, पशुपालन और संबंधित विषयों के निर्धारित पाठ्यक्रम शामिल हो सकते हैं। संबंधित संस्थान और पाठ्यक्रम के अनुसार पात्रता की शर्तें लागू होंगी।
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मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की पात्रता
योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के निवासी किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के पात्र विद्यार्थियों को दिया जाता है। इसके लिए विद्यार्थी को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्नातक पाठ्यक्रम के लिए इंटरमीडिएट में न्यूनतम अंकों की शर्त इस प्रकार है:
- UP Board के विद्यार्थी: इंटरमीडिएट में कम से कम 70 प्रतिशत अंक।
- अन्य बोर्ड के विद्यार्थी: इंटरमीडिएट में कम से कम 85 प्रतिशत अंक।
- स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम: स्नातक स्तर पर कम से कम 70 प्रतिशत अंक।
इसके अलावा विद्यार्थी का संबंधित कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान या महाविद्यालय में निर्धारित पाठ्यक्रम में अध्ययनरत होना आवश्यक है। अंतिम चयन मेरिट और योजना के लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।
अब तक 6,454 विद्यार्थियों को मिल चुका है लाभ
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 6,454 विद्यार्थियों को लगभग 22.90 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।
अब छात्रवृत्ति की राशि और सीटों में बढ़ोतरी से ज्यादा विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने का अवसर मिलेगा। इससे विशेष रूप से उन परिवारों को मदद मिल सकती है, जिनके लिए उच्च शिक्षा का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण होता है।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कहां करें?
योजना के लिए आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी अपने संबंधित कृषि विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद से संपर्क कर सकते हैं। वहां से आवेदन की समयसीमा, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन से पहले विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक पात्रता, किसान परिवार से संबंधित प्रमाण और संस्थान में प्रवेश की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज संबंधित संस्थान के निर्देशों के अनुसार जमा करने होंगे।

