हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ पर भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर संविधान, सुशासन और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर संविधान शिल्पी और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस मौके पर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के गौरवशाली संविधान के प्रति आस्था और सम्मान व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सदन में डॉ. आंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा गया कि उन्होंने देश को एक मजबूत, समतामूलक और न्यायपूर्ण संवैधानिक ढांचा दिया, जो आज भी भारत की एकता, अखंडता और लोकतंत्र की आधारशिला है। बजट सत्र की शुरुआत को संविधान के आदर्शों से जोड़ते हुए यह संदेश दिया गया कि सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का केंद्र बिंदु सुशासन और जनकल्याण ही रहेगा।
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इस अवसर को सुशासन के प्रति संकल्प को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण क्षण बताया गया। सदन में यह भी रेखांकित किया गया कि संविधान की भावना के अनुरूप समाज के हर वर्ग तक विकास के लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया गया।
विधानसभा परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान गरिमामय वातावरण रहा और संविधान के मूल्यों—न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। बजट सत्र की यह शुरुआत आने वाले दिनों में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी और नीतिगत निर्णयों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।

