AI Impact Summit के Leaders’ Plenary में मानव-केंद्रित और संवेदनशील वैश्विक AI इकोसिस्टम बनाने, सही समय पर सही फैसले और नीतियां अपनाने पर जोर दिया गया।
AI Impact Summit के Leaders’ Plenary सत्र में एक अहम संदेश दिया गया कि भविष्य का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम मानव-केंद्रित और संवेदनशील होना चाहिए। अपने संबोधन में वक्ता ने कहा कि मानवता ने हमेशा बड़े बदलावों और तकनीकी व्यवधानों को अवसर में बदला है, और AI का उदय भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर एक ऐसा AI रोडमैप तैयार करने की जरूरत है, जिससे तकनीक का प्रभाव समाज के हर वर्ग तक सकारात्मक रूप से पहुंचे। इसके लिए देशों, नीति-निर्माताओं, उद्योग और अकादमिक जगत को मिलकर काम करना होगा, ताकि AI का विकास जिम्मेदार, नैतिक और समावेशी तरीके से हो सके।
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संबोधन में यह भी कहा गया कि AI से जुड़ी चुनौतियों का समाधान तभी संभव है, जब सही समय पर सही फैसले लिए जाएं और उपयुक्त नीतियां लागू की जाएं। गलत या देर से लिए गए फैसले तकनीक के लाभों को सीमित कर सकते हैं, जबकि दूरदर्शी नीति-निर्माण से AI को शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और शासन जैसे क्षेत्रों में गेम-चेंजर बनाया जा सकता है।
वक्ता ने कहा कि AI का उद्देश्य केवल दक्षता बढ़ाना नहीं, बल्कि मानव कल्याण, गरिमा और समावेशन को प्राथमिकता देना होना चाहिए। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ें, ताकि एक मजबूत और भरोसेमंद वैश्विक AI इकोसिस्टम तैयार किया जा सके।
समिट में मौजूद नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि आने वाले वर्षों में AI दुनिया की अर्थव्यवस्था और समाज को गहराई से प्रभावित करेगा, इसलिए आज लिए गए फैसले ही यह तय करेंगे कि यह तकनीक मानवता के लिए अवसर बनेगी या नई चुनौतियों का कारण। इसी सोच के साथ, Leaders’ Plenary में एक साझा, मानव-केंद्रित और जिम्मेदार AI भविष्य की दिशा में काम करने का आह्वान किया गया।

