हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति का प्रतीक है, जो आज भी हर भारतीय को प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने असाधारण नेतृत्व से देश के किसानों और जवानों को नई दिशा व ऊर्जा देने का काम किया। उन्होंने कहा कि “जय जवान, जय किसान” का नारा केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जिसने देश की रक्षा और कृषि को समान महत्व देने की सोच को मजबूती प्रदान की। शास्त्री जी का यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके कार्यकाल के दौरान था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया और सीमित संसाधनों के बावजूद भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक फैसले लिए। वर्ष 1965 के युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व ने देशवासियों के मन में आत्मविश्वास और एकजुटता की भावना को और सशक्त किया। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि सेवा, सत्य और साहस से परिभाषित होता है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शास्त्री जी की सादगी और ईमानदारी आज के सार्वजनिक जीवन के लिए आदर्श है। उन्होंने बिना किसी दिखावे के राष्ट्रहित में निर्णय लिए और निजी जीवन में भी अनुकरणीय मूल्य स्थापित किए। उनका संपूर्ण जीवन यह सिखाता है कि सत्ता का उपयोग जनकल्याण और देश की प्रगति के लिए होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे लाल बहादुर शास्त्री जी के विचारों और सिद्धांतों को आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि आज का भारत जब “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब शास्त्री जी के आदर्श—कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण—और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं। किसान, जवान और युवा, तीनों की शक्ति से ही देश आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकता है।
अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार शास्त्री जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए किसानों के कल्याण, युवाओं के सशक्तिकरण और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने दोहराया कि शास्त्री जी की स्मृति और उनके आदर्श सदैव देश को सही दिशा दिखाते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।


