भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान रॉकेट वैज्ञानिक एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष, ‘पद्मविभूषण’ से सम्मानित प्रो. सतीश धवन की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
प्रो. सतीश धवन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को वैज्ञानिक उत्कृष्टता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव प्रदान की। उनके नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अनुसंधान-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर अनुप्रयोग-आधारित मिशनों की दिशा में अग्रसर हुआ, जिससे संचार, मौसम पूर्वानुमान, रिमोट सेंसिंग और राष्ट्रीय विकास को नई गति मिली।
वे केवल एक वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी प्रशासक और प्रेरक शिक्षक भी थे। प्रो. धवन ने युवा वैज्ञानिकों को नवाचार, टीमवर्क और असफलताओं से सीखने की संस्कृति सिखाई। उनके मार्गदर्शन में इसरो ने संस्थागत पारदर्शिता और अकादमिक स्वतंत्रता को बढ़ावा दिया, जिसने संगठन को दीर्घकालिक सफलता दिलाई।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्र की सेवा में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। प्रो. सतीश धवन का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को नया आयाम देने वाले महान रॉकेट वैज्ञानिक एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष 'पद्मविभूषण' प्रो. सतीश धवन जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
विज्ञान के माध्यम से राष्ट्र की आपने जो अतुलनीय सेवा की है, वह सदैव अविस्मरणीय रहेगी। pic.twitter.com/KcAcZNIBLY
— Manohar Lal (@mlkhattar) January 3, 2026


