नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि के अवसर पर आज देशभर में उन्हें आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए वैज्ञानिक जगत से लेकर आम नागरिकों तक ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
डॉ. विक्रम साराभाई ने भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान की सुदृढ़ नींव रखी और देश को वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष तकनीक को केवल अनुसंधान तक सीमित न रखते हुए उसे संचार, मौसम पूर्वानुमान, शिक्षा और राष्ट्रीय विकास से जोड़ा गया। यही कारण है कि भारत आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर एक सशक्त पहचान रखता है।
उन्हें यह दृढ़ विश्वास था कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। इसी सोच के चलते भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बना।
पद्मविभूषण से सम्मानित डॉ. विक्रम साराभाई का जीवन और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के वैज्ञानिकों एवं युवाओं के लिए निरंतर प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनके योगदान को देश सदैव कृतज्ञता और गौरव के साथ स्मरण करता रहेगा।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के अग्रदूत व महान वैज्ञानिक 'पद्मविभूषण' डॉ. विक्रम साराभाई जी की पुण्यतिथि पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।
भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान की नींव रखकर राष्ट्र को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने में उनका योगदान सदैव ही अद्वितीय और अतुलनीय रहेगा। pic.twitter.com/WpCtbnHTcG
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 30, 2025


