जमशेदपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड स्थित एनआईटी जमशेदपुर के दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान से जुड़े सभी हितधारकों को संबोधित करते हुए शिक्षा और शोध की भूमिका पर गहन विचार साझा किए।
राष्ट्रपति ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा और डिग्रियां प्रदान करने के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र की ‘बौद्धिक प्रयोगशालाएं’ भी होते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे संस्थान अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन के माध्यम से देश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि तकनीकी परिवर्तन जहां एक ओर नए अवसर पैदा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नई चुनौतियां भी सामने ला रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि आधुनिक तकनीकों के नकारात्मक प्रभाव आम जनता और समाज पर पड़ सकते हैं, जिन्हें समझना और नियंत्रित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एनआईटी जमशेदपुर जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे इन चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं और तकनीक के सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा दें। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें।
कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह का समापन राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार की भूमिका को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
President Droupadi Murmu graced the convocation ceremony of NIT Jamshedpur in Jharkhand. The President said that educational institutions are not merely centers for providing education and degrees, but also serve as major centers of research and ‘intellectual laboratories’ of the… pic.twitter.com/xFKQlD1ghT
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 29, 2025


