चंडीगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा जेल सुधार और कैदियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोनीपत, करनाल, फरीदाबाद, हिसार, अंबाला, यमुनानगर और नूंह स्थित जेल परिसरों में फिलिंग स्टेशन की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य कैदियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है, ताकि वे जेल से बाहर आने के बाद सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
जेल मंत्री Arvind Sharma ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2026 तक नारनौल, भिवानी, सिरसा और झज्जर जेल परिसरों में भी फिलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे अधिक संख्या में कैदियों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा, “हरियाणा यह सुनिश्चित कर रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद कैदी सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसी उद्देश्य से प्रदेश की जेलों को सुधार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में विकसित किया जा रहा है।”
सरकार की इस पहल को जेल सुधार की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे न केवल कैदियों के कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उनके पुनर्वास की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।

