स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर सेनानी तथा भारत की प्रथम लोकसभा के अध्यक्ष रहे श्री गणेश वासुदेव मावलंकर की जयंती पर आज देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक संस्थानों ने कार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को स्मरण किया।
श्री जी.वी. मावलंकर को भारतीय लोकतंत्र की संसदीय परंपराओं की नींव रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के alongside उन्होंने देश की संसदीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़, अनुशासित और जनोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि श्री मावलंकर का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है। उनकी जयंती राष्ट्र के लिए एक अवसर है कि हम उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करें।
देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में उनके संघर्ष, नेतृत्व और योगदान पर प्रकाश डाला गया तथा बच्चों और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
देश आज भी उन्हें उनके अद्वितीय योगदान के लिए शत-शत नमन करता है।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष, श्री गणेश वासुदेव मावलंकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। pic.twitter.com/1aa06B0NeN
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 27, 2025


