संविधान दिवस के अवसर पर आज संविधान सदन (पूर्व में संसद भवन) के केंद्रीय कक्ष में भव्य और गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, न्यायविदों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर भारत के गौरवशाली संविधान और इसके निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह की शुरुआत प्रस्तावना के सामूहिक पठन के साथ हुई, जिसके जरिए देशवासियों को संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—की पुनः स्मृति दिलाई गई। वक्ताओं ने संविधान को विश्व के सबसे सशक्त और समावेशी दस्तावेजों में से एक बताया, जो भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है।
नेताओं ने कहा कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों को दोहराने का अवसर है। साथ ही युवाओं को संविधान के अध्ययन, उसके मूल सिद्धांतों को जीवन में अपनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी महान नेताओं का विशेष रूप से स्मरण किया गया, जिनके अथक परिश्रम और दूरदृष्टि से भारत को एक अद्वितीय और सशक्त संविधान प्राप्त हुआ।
समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दस्तावेज़ प्रदर्शनी और संविधान पर केंद्रित विशेष प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसे सभी उपस्थितजन ने सराहा।
LIVE : Constitution Day celebrations at Central Hall of Samvidhan Sadan https://t.co/tqm0FNA9EY
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 26, 2025


