श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित दिव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धर्म ध्वजा के ध्वजारोहण को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह ध्वजा केवल एक प्रतीक मात्र नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक उत्थान का द्योतक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:
“ये धर्म ध्वजा केवल एक ध्वज नहीं… ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है।”
प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह और गर्व की भावना उत्पन्न कर दी। उन्होंने कहा कि यह ध्वजा सदियों पुरानी भारतीय परंपराओं की शक्ति, त्याग, धर्म और सेवा की भावना का संवाहक है।
कार्यक्रम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण, जयकारों और शंखनाद से वातावरण राममय और दिव्य हो उठा। असंख्य श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने, जबकि देशभर में करोड़ों लोगों ने इस आयोजन को लाइव देखकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राम मंदिर और धर्म ध्वजा का यह क्षण भारत की नई सांस्कृतिक यात्रा की शुरुआत है—एक ऐसी यात्रा जो विश्व को भारतीय विचार, मूल्यों और मानवता के संदेश से पुनः परिचित कराएगी।
अयोध्या में प्रशासन द्वारा सुरक्षा और प्रबंधन की विशेष व्यवस्थाएँ की गईं, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न हुआ।
ये धर्म ध्वजा केवल एक ध्वज नहीं… ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है: PM @narendramodi pic.twitter.com/3sI3HsusQe
— PMO India (@PMOIndia) November 25, 2025


