Patanjali Kisan Samriddhi Yojana: पतंजलि आयुर्वेद किसानों को जैविक खेती, तकनीकी टूल्स और अनुबंध खेती के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। जानें कैसे पतंजलि का किसान समृद्धि कार्यक्रम खेती को बना रहा है फायदेमंद।
Patanjali Kisan Samriddhi Yojana: देश की अग्रणी स्वदेशी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी का कहना है कि उसके जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले समाधान और तकनीकी पहल भारतीय कृषि प्रणाली को नए मुकाम तक पहुंचा रहे हैं।
जैविक खेती से उपज भी बढ़ी, मिट्टी भी सुरक्षित
पतंजलि का किसान समृद्धि कार्यक्रम किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद, सुपीरियर बीज और कीट नियंत्रण के प्राकृतिक तरीके उपलब्ध कराता है। इससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता में सुधार होता है और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव भी नहीं पड़ता।
सीधे किसानों से खरीद, फसल का मिलता है बेहतर दाम
पतंजलि का बिजनेस मॉडल बिचौलियों को हटाकर सीधे किसानों से खरीदारी को प्राथमिकता देता है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलता है और मध्यस्थों का मुनाफा खत्म हो जाता है। साथ ही, अनुबंध खेती योजना (Contract Farming) के तहत किसानों को आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है, जिससे खेती एक सुरक्षित व्यवसाय बनता जा रहा है।
डिजिटल तकनीक से खेती में क्रांति
पतंजलि ने किसानों के लिए डिजिटल ऐप्स और ऑनलाइन टूल्स भी लॉन्च किए हैं, जो उन्हें मौसम की जानकारी, मिट्टी की स्थिति, बाजार मूल्य और फसल सलाह जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हैं।
‘जैविक प्रोम’ जैसे उत्पाद, जो मिट्टी को पोषण देने वाले हैं, किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
खेती के साथ पर्यावरण की रक्षा भी
कंपनी का दावा है कि उनके प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि जैविक खेती के जरिए पर्यावरण को भी संरक्षित किया जा रहा है। इन प्रयासों के चलते गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और सामाजिक दायित्वों की पूर्ति भी संभव हुई है।
पतंजलि का उद्देश्य स्मार्ट खेती, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर और किसान सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उनके जैविक खेती मॉडल और तकनीकी पहल भारतीय कृषि को एक नई दिशा दे रहे हैं।
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