वयस्कों से बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में गैस्ट्रोइंटस्टाइनल कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है।
अध्ययनों से पता चलता है कि वयस्कों से बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में गैस्ट्रोइंटस्टाइनल कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है। आपका आहार भी इसमें महत्वपूर्ण हो सकता है। चीनी, नमक और खराब खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन आपके पेट और कोलन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
अच्छी सेहत के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और पौष्टिक आहार खाना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। आपकी सेहत सीधे आपके भोजन और जीवनशैली पर निर्भर करती है। क्या आप जानते हैं कि आप भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं अगर आपके आहार में कोई समस्या है?
हाल ही में किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि कैंसर लगभग हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है, और बच्चे भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि वयस्कों से बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में गैस्ट्रोइंटस्टाइनल कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है। आपका आहार भी इसमें महत्वपूर्ण हो सकता है।
4 फरवरी को हर साल विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है, जिससे दुनिया भर में कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है और इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित किया जाता है। आइए जानें कि खान-पान की आदतों में क्या गड़बड़ी इस कैंसर का खतरा बना सकती हैं? आप इसे जानते हैं।
खान-पान और पेट की समस्याएं
हम सभी ने कहावत सुनी होगी, “आप जिस तरह की चीजें खाते हैं, आपका स्वास्थ्य भी वैसा होता है”। खाना खाना और भी महत्वपूर्ण है जब बात पेट की है। हमारा पाचन तंत्र निरंतर भोजन बनाता संसाधित करता रहता है। ऐसे में खराब भोजन करने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो कभी-कभी कैंसर का कारण भी बन सकते हैं।
नमक, चीनी और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन आपके पेट और कोलन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, जैसा कि अध्ययनों से पता चलता है।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर की संभावना बढ़ती है
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर, पाचन तंत्र और पेट के अन्य अंगों पर असर डालता है। डीएनए में बदलाव या खान-पान की गड़बड़ी भी इस बीमारी का खतरा बढ़ा सकती है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि कुछ खास डाइट जो आप रोजाना खाते हैं, आपको जीआई कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है।
दिल्ली स्थित एक अस्पताल में गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर अमरेश चौहान ने बताया, पेट का कैंसर, खास तौर पर कई देशों में आम है। हानिरहक बैक्टीरिया दूषित भोजन और पानी में हो सकते हैं, जो पेट की परत में इंफ्लेमेशन पैदा कर सकते हैं और कई प्रकार की बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। आहार की गड़बड़ी ने कैंसर का खतरा बढ़ाया है।
किन चीजों को माना जा रहा है नुकसानदायक?
डॉक्टरों का कहना है कि कई अध्ययनों में रेड और प्रोसेस्ड मीट का सेवन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर का खतरा बढ़ाता है। इसके अलावा, अतिप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में अधिक मात्रा में सोडियम और चीनी होने के कारण यह कैंसर भी हो सकता है। अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में अधिक कैलोरी और पोषण तत्वों की कमी होने के कारण वजन बढ़ने और मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। कई अध्ययनों ने मोटापा को कैंसर का सबसे बड़ा खतरा बताया है।
ये आदत बहुत खतरनाक है
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पेट की बीमारी या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर का खतरा बढ़ाने वाली आदतों में शराब का सेवन भी शामिल है। शराब पीना पेट, कोलोरेक्टल, एसोफैगल, लिवर, अग्नाशय और स्तन कैंसर को बढ़ाता है। शराब पीने की आदत धीरे-धीरे ऊतकों को नुकसान पहुंचाने लगती है, जिससे डीएनए में बदलाव हो सकता है और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
कैंसर के खतरे को कम करने के लिए आप प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, नमक और शराब का अधिक सेवन करने से बच सकते हैं।
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