उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश और प्रदेश दोनों के लिए दूरदर्शी (विजनरी) बजट करार दिया है। शनिवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है और देश की 145 करोड़ जनता की उम्मीदों व आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है।
मुख्यमंत्री योगी ने 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट की सराहना करते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार की नीतियों ने भारत की विकास यात्रा को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि इसी निरंतरता का परिणाम है कि योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रह गईं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं।
सीएम योगी ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, जो सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से तैयार होकर आया है, जिसमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध और भविष्य की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के लिए कई नए अवसर लेकर आया है। रोजगार सृजन, बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और आर्थिक समृद्धि के लिए बजट में किए गए प्रावधान उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को सीधे लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे राज्य की विकास गति और तेज होगी तथा उत्तर प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि केंद्रीय बजट “नेशन फर्स्ट” की भावना से तैयार किया गया है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ समावेशी विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है, जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बजट में कृषि, युवाओं के कौशल विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण और गरीबों के कल्याण को केंद्र में रखा गया है।
सीएम योगी के अनुसार, बजट के तीन प्रमुख कर्तव्य – किसान, युवा, महिला और गरीब – भारत की सामाजिक और आर्थिक मजबूती की नींव हैं। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए किए गए ये प्रावधान राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आने वाले वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।


