तुलसी की माला धरण करने के नियम ओर महत्व जाने
By Neha
सनातन धर्म में तुलसी को हर रूप में शुभ माना जाता है। लोग रोजाना तुलसी के पौधे को न केवल जल अर्पित करते हैं, बल्कि इसे माला के रूप में भी पहनते हैं।
By Neha
तुलसी माला का महत्व तुलसी माला का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। जो व्यक्ति तुलसी की माला को कंठ में धारण करके स्नान करता है, उसे सभी जल तीर्थों में स्नान का फल प्राप्त होता है।
By Neha
तुलसी कंठी धारण करने की विधि तुलसी माला को सर्वप्रथम गंगाजल में डाल कर शुद्ध कर लेना चाहिए, फिर धूप दीप दिखानी चाहिए।
By Neha
तत्पश्चात माला को श्रीहरि विष्णुजी के पास रखना चाहिए, भगवान की पूजा उपासना स्तुति करने के बाद आस्था व श्रद्धा के साथ धारण करना चाहिए।
By Neha
तुलसी माला पहनने के नियम तुलसी की कंठी को धारण करने वाले व्यक्ति को कुछ नियमों का पालन भी करना चाहिए।
By Neha
तुलसी कंठी धारण करने वाले व्यक्ति को सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। तामसिक भोजन जैसे अण्डे- मांस इत्यादि से दूर रहना चाहिए है।
By Neha
किसी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए, शराब जैसे नशे से बिल्कुल दूर रहना चाहिए।
By Neha
तुलसी माला (कंठी) चारो आश्रम (ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यासी) बच्चे स्त्री पुरुष,प्रत्येक जाति व संप्रदाय के सभी लोग धारण कर सकते हैं।
By Neha
जब कंठ में तुलसी की माला धारण की हुई होती है तो वह परम कल्याणकारी होती है। अतः तुलसी माला को अपने से दूर कभी नहीं करना चाहिए
By Neha
तुलसी माला कुछ विशेष पर्व काल के दौरान धारण करना विशेष शुभ माना गया है जैसे-: अक्षय तृतीया, दीपावली, होली, दशहरा, अनंत चतुर्दशी, एकादशी तिथि या शुक्ल पक्ष के गुरुवार को गंगाजल से शुद्ध करके धारण करना चाहिए।
By Neha
परिवार में जन्म तथा मृत्यु के अवसर पर भी कंठी को नहीं उतारना चाहिए।
By Neha