विकसित हरियाणा–2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए ज़मीनी स्तर पर विकास और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग को अनिवार्य बताते हुए आज पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, हिसार में प्री-बजट परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के सरपंचों और पार्षदों के साथ महत्वपूर्ण संवाद हुआ, जिसमें ग्रामीण और शहरी विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कहा गया कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांव और शहर की वास्तविक जरूरतों को सबसे बेहतर तरीके से सरपंच और पार्षद ही समझते हैं, इसलिए बजट निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। ‘विकसित हरियाणा–2047’ का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब विकास योजनाएं जमीनी स्तर की जरूरतों के अनुरूप तैयार की जाएं।
प्री-बजट परामर्श बैठक में ग्रामीण और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और भविष्योन्मुख बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। सरपंचों और पार्षदों ने सड़कों, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक भवनों, पार्कों और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े सुझाव रखे। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर भी अपने विचार साझा किए गए।
बैठक में यह भी कहा गया कि तेजी से बदलती जरूरतों को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को टिकाऊ, तकनीक आधारित और पर्यावरण अनुकूल बनाना समय की मांग है। स्मार्ट सड़कों, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, ठोस कचरा प्रबंधन और हरित क्षेत्रों के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सरपंचों और पार्षदों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया और यह आश्वासन दिया गया कि इन सुझावों को आगामी बजट में शामिल करना सरकार की प्राथमिकता है। उद्देश्य एक ऐसा समावेशी और जनहितैषी बजट तैयार करना है, जो समाज के हर वर्ग की जरूरतों को पूरा कर सके और प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति दे।
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी ही प्रदेश की प्रगति का मजबूत आधार है। जब गांव और शहर सशक्त होंगे, तभी राज्य और देश विकास की ऊंचाइयों को छू सकेंगे। जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें।
अंत में कहा गया कि प्री-बजट परामर्श बैठकें लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाती हैं, क्योंकि इससे नीतियों और योजनाओं में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होती है। ‘विकसित हरियाणा–2047’ के संकल्प के साथ सरकार जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से प्रदेश को प्रगति के नए पथ पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।


