वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब स्थित पावन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तथा गुरुद्वारा साहिब बाबा मोतीराम जी में शीश नवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर गुरु परंपरा, त्याग और धर्मनिष्ठा के अमर आदर्शों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
ये पवित्र स्थल गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों—अद्वितीय बलिदान, त्याग, अदम्य साहस और धर्म पर अडिग रहने की अमर गाथा—के साक्षी हैं। साहिबज़ादों की शहादत न केवल सिख इतिहास, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है।
गुरुद्वारा साहिब बाबा मोतीराम जी उस महान सेवा-भाव का प्रतीक है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी साहिबज़ादों की सेवा कर मानवीय करुणा और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यहाँ मत्था टेकते हुए श्रद्धालुओं ने साहिबज़ादों के बलिदान से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
वीर बाल दिवस के अवसर पर यह स्मरण हमें यह संदेश देता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए किया गया त्याग युगों-युगों तक समाज को दिशा देता रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को नैतिक साहस एवं कर्तव्यबोध की प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।
वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब स्थित पावन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब जी तथा गुरुद्वारा साहिब बाबा मोतीराम जी में शीश नावाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह पवित्र स्थल गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों के अद्वितीय बलिदान, त्याग, अदम्य साहस और धर्म पर अडिग रहने की अमर… pic.twitter.com/7uJABKPRI2
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 25, 2025


