‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मूलमंत्र को अपने जीवन और आचरण से साकार करने वाले परम विद्वान, वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे जी से गुरुग्राम में भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह मुलाकात वैदिक ज्ञान, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण रही।
भेंट के दौरान वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे जी के वैदिक ज्ञान, शास्त्रों की गहन समझ और आध्यात्मिक तेज से ओत-प्रोत व्यक्तित्व ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। उनके विचारों और जीवन-दृष्टि ने संस्कारों, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति की महत्ता को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया।
संवाद के दौरान सनातन परंपरा, जीवन-मूल्यों और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस विचार-विमर्श ने मन और मस्तिष्क पर एक अमिट छाप छोड़ी तथा आत्मिक समृद्धि और वैचारिक ऊर्जा का संचार किया।
यह आत्मीय भेंट न केवल प्रेरणादायक रही, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था और विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने वाली सिद्ध हुई, जिसकी स्मृतियां जीवनभर प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के मूलमंत्र को अपने जीवन और आचरण से चरितार्थ करने वाले परम विद्वान, वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे जी से गुरुग्राम में भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
वैदिक ज्ञान, शास्त्रों की गहन समझ और आध्यात्मिक तेज से ओत-प्रोत उनका व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायक है। उनके… pic.twitter.com/aGkQmbv2eJ
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 17, 2025


