श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वी.बी. जी-राम-जी योजना के अंतर्गत वेतन भुगतान व्यवस्था में बड़ा सुधार किया गया है। अब इस योजना में 15 दिनों के स्थान पर साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे श्रमिकों को समय पर पारिश्रमिक मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। सरकार के इस निर्णय को श्रमिक कल्याण की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
योजना में किए गए इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को नियमित आय सुनिश्चित करना और उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में आने वाली परेशानियों को कम करना है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि वेतन भुगतान की अवधि को कम किया जाए, ताकि श्रमिकों को अपने खर्चों के लिए इंतजार न करना पड़े। साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था लागू होने से श्रमिकों को वित्तीय स्थिरता मिलेगी और वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।
इसके साथ ही, इस कानून में कार्यों की प्रकृति का भी विस्तार किया गया है। पहले जहां सीमित कार्यों को ही योजना के दायरे में शामिल किया गया था, वहीं अब पहले की तुलना में कहीं अधिक कार्यों को इसमें सम्मिलित किया गया है। इससे बड़ी संख्या में श्रमिक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि कार्यों के दायरे के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, योजना के अंतर्गत अब विभिन्न प्रकार के विकासात्मक, सेवा आधारित और श्रम प्रधान कार्यों को शामिल किया गया है। इससे न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति भी तेज होगी। साप्ताहिक वेतन भुगतान से श्रमिकों की कार्यक्षमता और संतुष्टि में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
श्रमिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समय पर वेतन भुगतान श्रमिकों का मूल अधिकार है और साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था से शोषण की संभावनाएं भी कम होंगी। इसके साथ ही, श्रमिकों को साहूकारों से कर्ज लेने की मजबूरी से भी राहत मिलेगी, जो अक्सर विलंबित भुगतान के कारण उत्पन्न होती थी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। डिजिटल माध्यमों से भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे योजना की जानकारी श्रमिकों तक पहुंचाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
कुल मिलाकर, वी.बी. जी-राम-जी योजना में किया गया यह सुधार श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। साप्ताहिक वेतन भुगतान और कार्यों के विस्तारित दायरे से न केवल श्रमिकों को समय पर पारिश्रमिक मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल श्रमिक कल्याण और समावेशी विकास की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


