गुरुग्राम में आज ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना (VB-G RAM G)’ को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ की शुरुआत की है। यह योजना देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मजदूर वर्ग से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है, जिनका योगदान देश की अर्थव्यवस्था और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में बताया गया कि वीबी जी-राम जी कानून का मुख्य उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों को सशक्त बनाना है, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों और कमजोर क्रियान्वयन के कारण उनका अधिकार और लाभ नहीं मिल पाया। इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वास्तविक श्रमिक सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
वक्ताओं ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने का माध्यम भी है। इसके अंतर्गत श्रमिकों को रोजगार, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी लाभ वितरण की व्यवस्था की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अब सरकार और प्रशासन का दायित्व है कि इस योजना की सही और पूरी जानकारी हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि योजना का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी इससे जुड़ सके। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा, जब गांव मजबूत होंगे और ग्रामीण श्रमिक आत्मनिर्भर बनेंगे। वीबी जी-राम जी योजना गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, पलायन को रोकने और स्थानीय स्तर पर विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, पारदर्शी पंजीकरण प्रणाली और नियमित निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष तरीके से हो और योजनाओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
कार्यशाला के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ की जानकारी गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाई जाएगी, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक इससे वंचित न रहे। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि यह योजना ग्रामीण भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी और देश को समावेशी एवं सशक्त विकास की ओर ले जाएगी।


