भारतीय क्रिकेट की उभरती हुई युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि टैलेंट उम्र का मोहताज नहीं होता। महज 14 साल की उम्र में अंडर-19 वर्ल्ड कप में धमाकेदार प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरने वाले वैभव अब ब्रांड एंडोर्समेंट की दुनिया में भी कदम रख चुके हैं। उन्हें जाइडस वेलनेस (Zydus Wellness) की मशहूर न्यूट्रिशनल ड्रिंक ब्रांड कॉम्प्लान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाइडस वेलनेस की वैल्यू करीब 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है, जो इस करार को और भी खास बनाती है।
कॉम्प्लान के नए विज्ञापन कैंपेन ‘थोड़ा प्लान, थोड़ा कॉम्प्लान’ में वैभव सूर्यवंशी नजर आ रहे हैं। इस कैंपेन में वैभव की असली जिंदगी की कहानी को आधार बनाया गया है—कैसे उन्होंने कम उम्र में मेहनत, सही प्लानिंग और लगातार प्रैक्टिस के दम पर बड़े सपने देखे और उन्हें हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए। ब्रांड का मानना है कि वैभव आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और उनकी जर्नी मेहनत और अनुशासन का बेहतरीन उदाहरण है।
वैभव सूर्यवंशी का नाम हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के बाद हर क्रिकेट फैन की जुबान पर आ गया था। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रनों की तूफानी पारी खेली थी, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। इस ऐतिहासिक पारी ने न सिर्फ भारत को खिताब दिलाया, बल्कि वैभव को भी रातों-रात स्टार बना दिया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 7 मैचों में 62.71 की औसत से 439 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल थे। वह टूर्नामेंट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में मैदान पर दबदबे के साथ खेलना और बड़े मंच पर खुद को साबित करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। वैभव ने अपने प्रदर्शन से दिखा दिया है कि उनमें भविष्य का बड़ा सितारा बनने की पूरी काबिलियत है। अब ब्रांड एंबेसडर बनने के साथ उनकी लोकप्रियता मैदान के बाहर भी तेजी से बढ़ रही है।
जाइडस वेलनेस और कॉम्प्लान ब्रांड के लिए वैभव का चेहरा बनना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है, क्योंकि वह युवाओं और बच्चों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उनकी कहानी मेहनत, फिटनेस और सही पोषण के संदेश के साथ अच्छी तरह मेल खाती है, जिसे ब्रांड अपने कैंपेन के जरिए आगे बढ़ाना चाहता है।
वैभव के परिवार और कोच ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि उनका मुख्य फोकस अभी क्रिकेट ही रहेगा। ब्रांड डील भले ही एक बड़ी उपलब्धि हो, लेकिन वैभव का सपना भारतीय सीनियर टीम के लिए खेलना और देश के लिए बड़े टूर्नामेंट जीतना है।
कुल मिलाकर, 14 साल की उम्र में 13 हजार करोड़ रुपये की कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनना वैभव सूर्यवंशी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह न सिर्फ उनके टैलेंट का सम्मान है, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि आने वाले समय में वह क्रिकेट और ब्रांड वर्ल्ड—दोनों में बड़ा नाम बनने की क्षमता रखते हैं।


