गोरखपुर शहर को स्वच्छ और आधुनिक शहरी ढांचे की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजना अमृत-2.0 के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के लिए 721.40 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से शहर के 17 वार्डों में रहने वाले लगभग 1.95 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही सीवेज प्रबंधन की समस्याओं के समाधान के लिए तैयार की गई है। योजना के तहत घरों से निकलने वाले गंदे पानी के संग्रह, शोधन और सुरक्षित निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इससे खुले नालों, जलभराव और गंदगी से होने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
परियोजना की कुल लागत में जीएसटी और सेंटेज की राशि भी शामिल की गई है। वित्तीय ढांचे के अनुसार, केंद्र सरकार इस योजना में 231.35 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि राज्य सरकार की हिस्सेदारी 435 करोड़ रुपये तय की गई है। नगर निगम की ओर से 27.76 करोड़ रुपये का योगदान किया जाएगा। सेंटेज की पूरी राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जिससे नगर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
इस सीवरेज परियोजना के अंतर्गत करीब 43,604 घरों को जोड़ा जाएगा। इससे अनुमानित 1,95,947 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। परियोजना पूरी होने के बाद संबंधित वार्डों में सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा और उपचारित जल का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित होगा। इससे न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में भी मदद मिलेगी।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि अमृत-2.0 के तहत स्वीकृत यह योजना गोरखपुर के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधा के मजबूत होने से शहर का समग्र जीवन स्तर ऊंचा उठेगा और भविष्य में होने वाले शहरी विस्तार के लिए भी आधार तैयार होगा। साथ ही, इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। केंद्र और राज्य सरकार की निगरानी में इस योजना को तेजी से लागू किया जाएगा, ताकि तय समय सीमा के भीतर नागरिकों को इसका लाभ मिल सके। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, अमृत-2.0 के तहत स्वीकृत यह सीवरेज परियोजना गोरखपुर को स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर शहरी जीवन की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए बल्कि आने वाले वर्षों में शहर के सतत विकास के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करेगी।


