अध्यात्म, ज्ञान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की पुण्य भूमि उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर प्रदेशभर में विविध कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और सरकारी समारोहों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक उपलब्धियों को याद किया गया। स्थापना दिवस प्रदेश के गौरवशाली अतीत, जीवंत वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य पर विचार करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उत्तर प्रदेश का इतिहास भारत की सभ्यता और संस्कृति से गहराई से जुड़ा रहा है। यह भूमि भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी, कबीरदास और तुलसीदास जैसे महापुरुषों की कर्मस्थली रही है। काशी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज जैसे पवित्र नगर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारतीय दर्शन, ज्ञान और संस्कृति के प्रतीक भी हैं। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा कहा जाता है।
प्रदेश की स्थापना 24 जनवरी 1950 को हुई थी और तब से यह राज्य देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में लोक कला, लोक संगीत, शिल्प प्रदर्शनी और ऐतिहासिक झांकियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की विविधता और समृद्ध परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। इन आयोजनों ने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और उन्नति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार के क्षेत्रों में अनेक ठोस कदम उठाए गए हैं। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक निवेश, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है।
साथ ही, अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरा है। भगवान श्री राम के आशीर्वाद से प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि विकास के लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
स्थापना दिवस पर वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल जनसंख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि संभावनाओं के दृष्टिकोण से भी देश का सबसे महत्वपूर्ण राज्य है। युवाओं की ऊर्जा, कृषि की ताकत, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक संभावनाएं प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाती हैं।
इस अवसर पर प्रदेशवासियों ने संकल्प लिया कि वे सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और विकास की भावना के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। कामना की गई कि भगवान श्री राम के आशीर्वाद से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आए तथा उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।


