कर्नाटक में UPI ट्रांजेक्शन पर आधारित 6000 GST नोटिस भेजे गए हैं। छोटे व्यापारियों में मचा हड़कंप, व्यापार संघों ने 25 जुलाई को हड़ताल और UPI बहिष्कार की चेतावनी दी है।
कर्नाटक में UPI ट्रांजेक्शन के आधार पर GST विभाग द्वारा करीब 6000 व्यापारियों को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें कई छोटे दुकानदार और स्थानीय व्यापारी भी शामिल हैं। कई व्यापारियों को लाखों रुपये के टैक्स भुगतान का नोटिस मिला है, जिससे कारोबारियों में खलबली मच गई है। इस पर व्यापारिक संगठनों ने 25 जुलाई को राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।
सब्जी विक्रेता को 1.63 करोड़ के लेनदेन पर 29 लाख का टैक्स नोटिस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक स्थानीय सब्जी विक्रेता को पिछले चार वर्षों में 1.63 करोड़ रुपये के डिजिटल लेनदेन पर 29 लाख रुपये का जीएसटी नोटिस भेजा गया है। यह दुकानदार सीधे किसानों से सब्जी खरीदकर ग्राहकों को बेचता है। इस प्रकार के नोटिस मिलने के बाद छोटे व्यापारियों में डर का माहौल बन गया है।
अधिकारी बोले- नोटिस फाइनल नहीं, दस्तावेज देने पर राहत संभव
कॉमर्शियल टैक्स ज्वाइंट कमिश्नर मीरा सुरेश पंडित ने पीटीआई से बातचीत में स्पष्ट किया कि, “जो नोटिस भेजे गए हैं वे फाइनल टैक्स डिमांड नहीं हैं। व्यापारी चाहें तो अपने दस्तावेजों के आधार पर उत्तर दाखिल कर सकते हैं। यदि वे साबित कर पाते हैं कि वे जीएसटी दायरे में नहीं आते, तो नोटिस वापस लिया जा सकता है।”
व्यापारियों का विरोध, 25 जुलाई को हड़ताल और UPI बहिष्कार की तैयारी
कर्नाटक के कई व्यापारी संगठनों ने जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की घोषणा की है। उन्होंने UPI ट्रांजेक्शन के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। व्यापारियों का कहना है कि बिना पूरी जानकारी के नोटिस भेजना अनुचित है और इससे डिजिटल लेनदेन हतोत्साहित होगा।
जीएसटी कानून क्या कहता है?
मीरा सुरेश पंडित ने स्पष्ट किया कि यदि सेवा क्षेत्र में सालाना लेनदेन 20 लाख रुपये और वस्तु क्षेत्र में 40 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो GST पंजीकरण अनिवार्य हो जाता है। साथ ही, कारोबारियों को अपना टर्नओवर भी घोषित करना होता है।


