उत्तर प्रदेश में वर्षों से लंबित पड़े आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के मामलों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ‘एकमुश्त समाधान योजना (OTS-2026)’ को लागू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मकसद इस योजना के जरिए आम आवंटियों को राहत देना और विभागीय राजस्व को भी मजबूत करना है।
बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि लंबे समय से अटके भुगतान और विवादित आवंटन न केवल योजनाओं की रफ्तार को धीमा कर रहे हैं, बल्कि लोगों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि OTS-2026 को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि हर पात्र आवंटी इसका लाभ उठा सके।
सरकार की योजना है कि इस नई स्कीम के तहत आवंटियों को एकमुश्त भुगतान पर विशेष छूट दी जाए, वहीं जरूरतमंद लोगों के लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, सभी मामलों के निस्तारण के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी, ताकि लोगों को वर्षों तक चक्कर न काटने पड़ें। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और यूजर-फ्रेंडली बनाने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2020 में लागू की गई OTS-2020 योजना से कई पुराने मामले सुलझे थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण बड़ी संख्या में लोग अंतिम भुगतान नहीं कर सके। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब OTS-2026 को पहले से अधिक व्यावहारिक और लाभकारी बनाने की तैयारी की जा रही है।
सीएम ने विभाग को निर्देश दिए कि योजना के लागू होते ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसकी जानकारी हासिल कर सकें और समय रहते आवेदन कर सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम आवंटियों को राहत पहुंचाना और साथ ही विभाग के लिए जरूरी संसाधन जुटाना है।
सरकार को उम्मीद है कि OTS-2026 के लागू होने के बाद हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी और विभागीय आय में भी इजाफा होगा, जिससे प्रदेश में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।


