गुरुवार व्रत के सही नियम जानें! जानिए गुरुवार के व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं ताकि व्रत का पूरा फल मिले। भगवान विष्णु और बृहस्पति की पूजा के लिए खास नियम और सात्विक भोजन की पूरी जानकारी।
गुरुवार व्रत न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि आत्मिक अनुशासन का भी प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन विशेष देवी-देवताओं की पूजा होती है और गुरुवार का दिन भगवान विष्णु व देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन केले के पेड़ की पूजा भी की जाती है। गुरुवार का व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि, ज्ञान प्राप्ति, और मनोकामना की पूर्ति होती है। लेकिन व्रत का सही फल तभी मिलता है जब व्रत के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
गुरुवार व्रत के महत्वपूर्ण नियम
गुरुवार व्रत में कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है ताकि व्रत सफल और फलदायी बने। इस दिन हल्का और सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है। साथ ही कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें व्रत के दौरान खाने से बचना चाहिए।
गुरुवार व्रत में क्या खाएं
दूध और उससे बनी चीजें जैसे दही, पनीर, मक्खन, मिठाई आदि सेवन कर सकते हैं।
कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, या समा चावल का उपयोग करें।
मौसमी फल जैसे संतरा, पपीता, अंगूर, तरबूज, सेब आदि खा सकते हैं।
नारियल पानी और ड्राई फ्रूट्स भी लाभकारी होते हैं, जिससे शरीर में ताकत बनी रहती है।
गुरुवार व्रत में क्या न खाएं
केले का सेवन व्रत के दिन वर्जित है।
तामसिक भोजन, जैसे लहसुन और प्याज युक्त पदार्थ न खाएं।
गेहूं का आटा, चावल, मैदा आदि भोजन से बचें।
सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक लें।
बाजार की सॉफ्ट ड्रिंक, शराब, सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों से दूर रहें।


