गुरुग्राम के सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका समुचित जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान और उसके बाद जलभराव की स्थिति लोगों के लिए गंभीर समस्या बन जाती है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर जमा पानी को निकाला जाए। इसके साथ ही नालियों और सीवर लाइन की सफाई व मरम्मत का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गलियों के जीर्णोद्धार के दौरान सड़क की मजबूती, ढलान और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में दोबारा जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं और नियमित रूप से उनकी समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि शहरों और कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों और नागरिकों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण मिले।
इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी. एस. ढेसी, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के सीईओ पी. सी. मीणा, उपायुक्त अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे बरसात के दिनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार घरों के बाहर और गलियों में पानी भर जाने से बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को निकलना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों से लोगों को उम्मीद जगी है कि अब इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक सर्वे के आधार पर जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और जहां जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त पाइपलाइन और पंप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सड़कों और गलियों की मरम्मत का काम भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह के त्वरित और ठोस कदमों से न केवल सूरत नगर फेज-1, बल्कि अन्य शहरी क्षेत्रों में भी जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।


