सूरजकुंड झूला हादसे के बाद सीएम नायब सिंह सैनी ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। सरकार इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और भविष्य में हादसे रोकने के लिए ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’ बनाएगी।
सूरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे के बाद मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गुरुवार को मेला परिसर पहुंचे और सुप्रीम अस्पताल में भर्ती तीन घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उन्हें भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार उनके इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार इस हादसे को बेहद गंभीरता से ले रही है और पीड़ितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घायलों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और अस्पताल प्रशासन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हादसे में शहीद हुए इंस्पेक्टर श्री जगदीश प्रसाद के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’ बनाएगी, ताकि झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई नीति के तहत झूलों की नियमित जांच, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और जिम्मेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली, आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता, एमडी हरियाणा टूरिज्म पार्थ गुप्ता, डीसी आयुष सिन्हा और सीएमओ जयंत अहूजा भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को घायलों के इलाज और हादसे की जांच से जुड़ी जानकारी भी दी।


