39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2026 में वीटा की लस्सी, रबड़ी और आइसक्रीम पर्यटकों की पहली पसंद बनी हुई है। वीटा स्टॉल पर दुग्ध उत्पादों की जमकर बिक्री हो रही है।
39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2026 में जहां एक ओर देश-विदेश की रंग-बिरंगी हस्तशिल्प कलाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक और शुद्ध स्वाद के लिए मशहूर वीटा की लस्सी और रबड़ी भी लोगों की खास पसंद बनी हुई है। मेला परिसर में हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (वीटा) की स्टॉल पर दिनभर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
फरवरी के सुहाने मौसम में सूरजकुंड पहुंचे पर्यटक ठंडी-ठंडी मीठी और नमकीन वीटा लस्सी का जमकर आनंद ले रहे हैं। इसके साथ ही गाढ़ी और स्वादिष्ट रबड़ी भी लोगों को खूब भा रही है। गर्मी और थकान के बीच ये पारंपरिक दुग्ध उत्पाद पर्यटकों को ताजगी और ऊर्जा दे रहे हैं, जिस वजह से वीटा की स्टॉल मेले के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक बन गई है।
वीटा की स्टॉल पर केवल लस्सी और रबड़ी ही नहीं, बल्कि दूध, छाछ, फ्लेवर्ड मिल्क और विभिन्न प्रकार की आइसक्रीम की भी जमकर बिक्री हो रही है। खासकर बच्चों और युवाओं में वीटा की आइसक्रीम की मांग काफी अधिक देखी जा रही है। अलग-अलग फ्लेवर की आइसक्रीम और ठंडी डेयरी ड्रिंक्स गर्मजोशी से भरे मेले में लोगों के लिए एक खास आकर्षण बन गई हैं।
पर्यटकों का कहना है कि वीटा के उत्पाद शुद्धता और गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं, इसलिए सूरजकुंड मेले में आने पर वे इनका स्वाद लेना नहीं भूलते। कई लोगों ने बताया कि वे हर साल मेले में आकर खासतौर पर वीटा की लस्सी और रबड़ी जरूर खाते हैं, क्योंकि इसका स्वाद पारंपरिक होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है।
वीटा स्टॉल पर उचित दामों पर ताजे और पौष्टिक दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे लोग निश्चिंत होकर खरीदारी कर रहे हैं। स्टॉल पर मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, मेले के पहले ही दिनों में बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है और आने वाले दिनों में भी पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2026 में जहां एक तरफ कला, संस्कृति और शिल्प का संगम देखने को मिल रहा है, वहीं वीटा की लस्सी और रबड़ी मेले के स्वाद को और खास बना रही है। कहा जा सकता है कि इस बार मेले में वीटा के दुग्ध उत्पाद न केवल लोगों की प्यास और भूख मिटा रहे हैं, बल्कि मेले के आकर्षण को भी दोगुना कर रहे हैं और पर्यटकों के अनुभव को और यादगार बना रहे हैं।


