तमिल भाषा के महान कवि, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक महाकवि सुब्रह्मण्य भारती जी की जयंती पर आज पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साहित्य, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में उनके योगदान को भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित माना जाता है।
भारती जी की रचनाएँ न केवल तमिल साहित्य को नई दिशा प्रदान करती हैं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन को भी ओज और ऊर्जा देती रहीं। उनकी कविताएँ सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, समानता और राष्ट्रप्रेम के मूल्यों को बुलंद आवाज़ देती हैं।
जयंती अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक मंचों ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें उनके जीवन, विचारों और कृतियों पर चर्चा की गई। विद्वानों ने कहा कि महाकवि भारती की कविताएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी स्वतंत्रता संग्राम के दौर में थीं।
महिला अधिकारों के लिए उनके क्रांतिकारी विचार, जातिगत अन्याय के विरुद्ध उनका संघर्ष और समाज में जागरूकता लाने की उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
राष्ट्र ने आज कृतज्ञता के साथ महाकवि सुब्रह्मण्य भारती को स्मरण किया और उनके अमर योगदान को नमन किया।
तमिल भाषा के महाकवि, स्वतंत्रता सेनानी तथा समाज सुधारक 'महाकवि भरतियार' सुब्रह्मण्य भारती जी की जयंती पर सादर नमन।
आप की समृद्ध विद्वता, सामाजिक न्याय एवं महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए अद्वितीय एवं अतुलनीय प्रयासों को एक कृतज्ञ राष्ट्र नमन करता है। pic.twitter.com/MtEd6zhvEf
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 11, 2025


