गुरुग्राम। सुधारात्मक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में हरियाणा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य की जेलों में कौशल विकास केंद्रों के साथ पॉलिटेक्निक और आईटीआई-स्तर के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जिला जेल भोंडसी, गुरुग्राम में किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुधारात्मक न्याय का मूल उद्देश्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से बंदियों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी पुनर्वास प्रक्रिया मजबूत होगी और वे सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हो सकेंगे।
कार्यक्रम के तहत बंदियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे रिहाई के बाद रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल बंदियों में सकारात्मक बदलाव लाने और पुनरावृत्ति अपराध को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।
उद्घाटन समारोह में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक प्रतिनिधियों और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल हरियाणा में सुधारात्मक न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सुधारात्मक न्याय में ऐतिहासिक पहल!
हरियाणा की जेलों में कौशल विकास केंद्र, पॉलिटेक्निक और ITI-स्तरीय व्यावसायिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जिला जेल भोंडसी, गुरुग्राम में इन कार्यक्रमों का उद्घाटन किया।#HaryanaJailReform pic.twitter.com/JjDjOphSsy
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 7, 2025


