विश्व को मानवता, करुणा और मैत्री का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की पावन धरा जनपद सिद्धार्थनगर में आज सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सांस्कृतिक, सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन, बुद्ध अनुयायी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही जनपद के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ₹1,052 करोड़ की लागत से जुड़ी 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, विद्युत, ग्रामीण एवं शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि जनसामान्य के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सिद्धार्थनगर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं—अहिंसा, करुणा और समता—का जीवंत प्रतीक है। ऐसे पावन स्थल पर विकास और सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन प्रदेश की समृद्ध विरासत और भविष्य की विकासशील सोच को दर्शाता है। सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026 के माध्यम से स्थानीय कला, संस्कृति, पर्यटन और हस्तशिल्प को भी नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा गया कि गरीब, महिला, युवा और अन्नदाताओं का उत्थान ही उनकी शासन शैली की पहचान है। इन्हीं मूल्यों को आधार बनाकर डबल इंजन की सरकार ने बिना किसी भेदभाव के ‘सबका साथ–सबका विकास’ के संकल्प के साथ योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से सिद्धार्थनगर जैसे आकांक्षी जिलों में विकास की गति तेज हुई है।
वक्ताओं ने बताया कि लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएँ रोजगार सृजन, निवेश को बढ़ावा देने और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। विशेष रूप से युवाओं के लिए कौशल विकास, महिलाओं के लिए स्वावलंबन योजनाएँ और किसानों के लिए कृषि अवसंरचना को मजबूत करने वाले प्रावधान इन परियोजनाओं का अहम हिस्सा हैं।
महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बौद्ध परंपराओं से जुड़े आयोजन, प्रदर्शनी और स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।
समापन पर सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026 के सफल आयोजन के लिए मंगलमय शुभकामनाएँ दी गईं और जनपदवासियों को हार्दिक बधाई प्रेषित की गई। यह महोत्सव न केवल विकास की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए समरस, समृद्ध और विकसित समाज की ओर बढ़ने का सशक्त संदेश भी देता है।


