भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शिवम दुबे ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में ऐसी पारी खेली, जिसने फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। 23 गेंदों में 65 रन की विस्फोटक पारी और 7 छक्कों की बरसात ने यह साफ कर दिया कि शिवम दुबे अब सिर्फ एक उपयोगी खिलाड़ी नहीं, बल्कि मैच जिताने की क्षमता रखने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। यह पारी केवल आंकड़ों की कहानी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे छिपी तैयारी और मानसिक बदलाव की झलक भी थी।
पिछले कुछ समय में शिवम दुबे की बल्लेबाजी में साफ तौर पर आक्रामकता और आत्मविश्वास नजर आने लगा है। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनकी मारक क्षमता ने टीम इंडिया को मिडिल ऑर्डर में एक नया विकल्प दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 में उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए और गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया कि वे लाइन-लेंथ में वापसी कर सकें।
क्रिकेट जानकारों के मुताबिक, शिवम दुबे की इस बदली हुई तस्वीर के पीछे फिटनेस, तकनीकी सुधार और माइंडसेट का बड़ा योगदान है। उन्होंने अपनी बैटिंग में ज्यादा स्थिरता लाने के लिए शॉट सिलेक्शन पर खास काम किया है। अब वे हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के बजाय, मौके के हिसाब से हमला करते नजर आते हैं। यही वजह है कि उनकी हिटिंग अब ज्यादा असरदार और कम जोखिम वाली दिख रही है।
शिवम दुबे ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में मिले अनुभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ढंग से इस्तेमाल करना शुरू किया है। उन्होंने स्पिन के खिलाफ अपने फुटवर्क और बैलेंस पर खास ध्यान दिया है, जिससे वे गेंद को हवा में उठाने के साथ-साथ टाइमिंग पर भी भरोसा कर पा रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी पारी में यह साफ दिखा कि वे सिर्फ ताकत के भरोसे नहीं, बल्कि सही तकनीक के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे।
मेंटल स्ट्रेंथ भी शिवम दुबे की इस सफलता की एक अहम कड़ी है। पहले कई मौकों पर आलोचनाओं का सामना करने वाले दुबे अब दबाव में भी शांत नजर आते हैं। चौथे टी20 में जब भारत को तेज रनों की जरूरत थी, तब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और बिना घबराए मैच का रुख बदल दिया। यह बदलाव उनके आत्मविश्वास में आई मजबूती को दर्शाता है।
टीम इंडिया के लिए शिवम दुबे का यह फॉर्म समय पर आया है। आगामी बड़े टूर्नामेंट्स को देखते हुए मिडिल ऑर्डर में एक ऐसा बल्लेबाज, जो कुछ ही गेंदों में मैच पलट सके, टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। इसके साथ ही दुबे गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं, जिससे टीम संयोजन और मजबूत होता है।
कुल मिलाकर, न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 में शिवम दुबे की धमाकेदार पारी इस बात का संकेत है कि उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम कर खुद को एक खतरनाक टी20 बल्लेबाज में बदल लिया है। मेहनत, सही रणनीति और मजबूत माइंडसेट ने उनके खेल को नई ऊंचाई दी है, और आने वाले मैचों में उनसे और भी बड़े धमाकों की उम्मीद की जा रही है।


