Sawan 2025 Shiv Mantra: जानिए सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय कौन सा मंत्र पढ़ें जिससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त हो। जानें इस वैदिक मंत्र का अर्थ और महत्व।
Sawan 2025 Shiv Mantra: वर्ष 2025 में सावन का शुभ माह 11 जुलाई शुक्रवार से शुरू हो रहा है। यह महीना भगवान शिव की भक्ति और कृपा प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय यदि एक विशेष वैदिक मंत्र का जाप किया जाए, तो इससे मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं और शिव कृपा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है।
शिव का साक्षात मंत्र – यजुर्वेद से लिया गया
सावन में शिवलिंग पर जल या पंचामृत चढ़ाते समय नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण करें। यह मंत्र यजुर्वेद में वर्णित है और इसे भगवान शिव के पंचमुख और पंचमहाभूतों का प्रतीक माना जाता है।
शिव मंत्र: “नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।”
मंत्र का सरल अर्थ और महत्व
| शब्द | 📖 अर्थ |
|---|---|
| ॐ | ब्रह्मांड की सबसे पवित्र ध्वनि, शिव का साक्षात रूप |
| नमः | नमन, वंदन, समर्पण भाव |
| शाम्भवाय | जो सदा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं |
| मयोभवाय | जो सभी प्रकार के सुख प्रदान करते हैं |
| शंकराय | कल्याणकारी और पवित्र |
| मयस्कराय | ब्रह्मांड में सबसे सुखदायक और शांति दायक |
| शिवतराय | शिव के उच्चतम और दिव्य स्वरूप का प्रतिनिधित्व |
सावन में इस मंत्र से जलाभिषेक क्यों है खास?
इस वैदिक मंत्र से जल चढ़ाने पर पंच महाभूतों का संतुलन होता है।
मंत्रोच्चारण के साथ शिव पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
मानसिक तनाव, ग्रह दोष और बाधाएं समाप्त होती हैं।
यह मंत्र आध्यात्मिक उन्नति और स्वास्थ्य लाभ में भी सहायक है।
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