Sankashti Chaturthi 2025 इस बार 14 जुलाई को सावन सोमवार के साथ पड़ रही है। जानें पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय समय, और इस दिन व्रत रखने के शुभ लाभ।
Sankashti Chaturthi 2025: सावन मास में आने वाली संकष्टी चतुर्थी व्रत का विशेष धार्मिक महत्व होता है। यह दिन भगवान गणेश की आराधना और जीवन के संकटों से मुक्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस बार यह पर्व 14 जुलाई 2025 को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस दिन सावन का पहला सोमवार व्रत भी पड़ रहा है, जिससे इसका पुण्यफल और भी अधिक बढ़ जाता है।
सावन संकष्टी चतुर्थी 2025 की तिथि और पूजा मुहूर्त
संकष्टी चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 13 जुलाई 2025, प्रातः 1:02 बजे
संकष्टी चतुर्थी तिथि समाप्त: 14 जुलाई 2025, रात 11:59 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 9:00 से 10:43 बजे तक
चंद्रोदय का समय: रात 9:55 बजे
गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व
संकष्टी चतुर्थी व्रत भगवान गजानन (गणपति) की कृपा पाने के लिए किया जाता है। “गजानन” का अर्थ है – हाथी के मुख वाले भगवान। इस दिन व्रत और पूजन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही, यह व्रत बुद्धि, विवेक, धन और सफलता प्रदान करता है।
दान-पुण्य का महत्व: इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और द्रव्य का दान करना अति पुण्यकारी माना गया है।
गजानन रूप की पौराणिक कथा
पुराणों के अनुसार, एक बार लोभासुर नामक राक्षस ने पृथ्वी पर आतंक मचा दिया था। जब देवता असहाय हो गए, तब उन्होंने भगवान गणेश की आराधना की। गणेश जी ने गजानन रूप धारण करके लोभासुर का संहार किया और पृथ्वी को उसके आतंक से मुक्त करवाया। तभी से गजानन स्वरूप की पूजा संकष्टी चतुर्थी पर विशेष मानी जाती है।
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