साहिबजादा फरहान बुमराह के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड के साथ पाकिस्तान की बड़ी उम्मीद बने हुए हैं। एशिया कप में उन्होंने 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। जानिए क्यों यह मुकाबला भारत-पाक मैच का रुख तय कर सकता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बड़े मुकाबले से पहले पाकिस्तान की टीम की नजरें एक बार फिर साहिबजादा फरहान पर टिकी हैं। वजह साफ है—फरहान उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के खिलाफ न सिर्फ रन बनाए हैं, बल्कि उन्हें दबाव में भी डाला है।
पिछले साल एशिया कप में भारत के खिलाफ तीन पारियों में फरहान ने 40, 58 और 57 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। ये भले ही शतक न हों, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने ये रन बनाए, उसने भारतीय टीम मैनेजमेंट का ध्यान जरूर खींचा। आंकड़े बताते हैं कि फरहान ने बुमराह के खिलाफ 51 रन 150 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं, जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल हैं और खास बात यह है कि वह एक बार भी आउट नहीं हुए।
फरहान का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर गेंदबाज पर एक साथ हमला करना संभव नहीं होता, लेकिन विपक्ष के मुख्य गेंदबाज पर दबाव बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने पहले भी कहा है कि अगर आप विरोधी टीम के सबसे मजबूत गेंदबाज को निशाना बनाते हैं, तो इसका फायदा बाकी बल्लेबाजों को भी मिलता है।
2019 से 2024 के बीच पाकिस्तान के बल्लेबाज अक्सर बुमराह के सामने संघर्ष करते नजर आए हैं। चाहे अहमदाबाद हो या न्यूयॉर्क, बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से मैच का रुख बदल दिया। ऐसे में फरहान का रिकॉर्ड पाकिस्तान के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।
फरहान का बल्लेबाजी अंदाज ज्यादा जटिल नहीं है। वह अपनी ताकत पहचानते हैं और सीधे और मिड-विकेट क्षेत्र में बड़े शॉट खेलने में भरोसा रखते हैं। एशिया कप में उन्होंने बुमराह की तेज गेंदों पर आगे बढ़कर नहीं, बल्कि क्रीज में रहकर शानदार शॉट्स लगाए, जिनमें कुछ ऊंचे छक्के भी शामिल थे।
घरेलू क्रिकेट में भी फरहान का रिकॉर्ड मजबूत रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका औसत 44 से ज्यादा है और उनके नाम 10 शतक दर्ज हैं। लंबे समय बाद 2024 में उन्होंने फिर से राष्ट्रीय टीम में वापसी की और तब से वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
कोच माइक हेसन के आने के बाद फरहान को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई, ताकि पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया जा सके। उनके साथ साइम अयूब को भी खुलकर खेलने की छूट दी गई है, लेकिन निरंतरता के मामले में फरहान आगे नजर आ रहे हैं।
बुमराह के खिलाफ फिर से खेलने की चुनौती पर फरहान ने कहा कि जब आप रन बनाते हैं तो आत्मविश्वास अपने आप बढ़ता है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाला मुकाबला इस टक्कर से तय हो सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या साहिबजादा फरहान एक बार फिर बुमराह के खिलाफ वही आक्रामक अंदाज दिखा पाते हैं या भारतीय तेज गेंदबाज इस बार उन्हें रोकने में कामयाब रहते हैं।


