गंगाजल रखने के नियम: जानिए गंगाजल को घर में कहां और कैसे रखें। कौन से पात्र सही हैं और क्या सावधानियां जरूरी हैं। गंगाजल के वास्तु टिप्स और धार्मिक नियम।
गंगाजल रखने के नियम: सनातन धर्म में गंगाजल को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि गंगा नदी के जल में अमृत तुल्य शुद्धता और आध्यात्मिक शक्ति होती है। यही कारण है कि पूजा-पाठ, हवन, संस्कार और हर शुभ कार्य में गंगाजल का उपयोग अनिवार्य माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंगाजल को घर में रखने के भी विशेष नियम होते हैं? यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो गंगाजल के शुभ प्रभाव कम हो सकते हैं और इसके नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
गंगाजल रखने की सही दिशा कौन सी है?
गंगाजल को घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सर्वोत्तम माना गया है। यह दिशा देवी-देवताओं की मानी जाती है और यहां रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आप गंगाजल को अपने पूजा स्थान में भी रख सकते हैं।
इन स्थानों पर भूलकर भी न रखें गंगाजल
बाथरूम या टॉयलेट के पास
रसोईघर (जहां नियमित रूप से खाना बनता है)
जूते-चप्पल रखने की जगह
कूड़ेदान या गंदे स्थानों के पास
अंधेरे और नम जगहों पर
इन जगहों पर गंगाजल रखने से इसकी पवित्रता भंग हो सकती है और घर में नकारात्मक ऊर्जा आ सकती है।
गंगाजल रखने के लिए कौन-सा पात्र श्रेष्ठ है?
गंगाजल को रखने के लिए तांबे (Copper), चांदी (Silver) या कांच (Glass) की साफ-सुथरी बोतल या बर्तन का इस्तेमाल करें। आप मिट्टी के बर्तन का भी उपयोग कर सकते हैं। प्लास्टिक की बोतलों या कंटेनर का प्रयोग गंगाजल के लिए उचित नहीं माना जाता।
गंगाजल की पवित्रता बनाए रखने के लिए ध्यान रखें ये बातें
हाथ-पैर धोकर ही छुएं: गंगाजल को छूने से पहले शुद्ध जल से हाथ-पैर धो लें।
गंदे या अशुद्ध हाथों से न छुएं: विशेषकर मासिक धर्म के दौरान गंगाजल को न छूना चाहिए।
किसी अन्य जल से न मिलाएं: गंगाजल में कभी भी सामान्य पानी न मिलाएं। इससे उसकी पवित्रता समाप्त हो जाती है।
तेज रोशनी या धूप से बचाएं: गंगाजल को सीधे सूर्य प्रकाश या गर्म जगह पर न रखें। यह उसकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
गंगाजल रखने से होते हैं ये शुभ लाभ
घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
वास्तुदोष में कमी आती है
मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है
देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है


