हरियाणा में खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। खेल विभाग हरियाणा और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रोहतक के संचालन और विस्तार को लेकर 20 वर्षों के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू से हरियाणा के मुक्केबाजों को लंबे समय तक विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस समझौते के तहत हरियाणा के उभरते और शीर्ष मुक्केबाजों को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरराष्ट्रीय मानकों के उपकरण और अनुभवी कोचिंग स्टाफ के साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा। सेंटर में आधुनिक बॉक्सिंग रिंग, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग यूनिट, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट, फिजियोथेरेपी, रिकवरी और पोषण से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
खेल विभाग हरियाणा के अधिकारियों के अनुसार, यह एमओयू राज्य की खेल नीति और ‘खेलो इंडिया’ जैसी राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप है। हरियाणा पहले ही देश को कई ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज दे चुका है और यह सेंटर भविष्य में भी प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रोहतक स्थित यह केंद्र बॉक्सिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों में से एक माना जाता है।
साई के विशेषज्ञ कोच और तकनीकी स्टाफ के माध्यम से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। वीडियो एनालिसिस, डेटा आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन और व्यक्तिगत ट्रेनिंग प्लान के जरिए खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कोचों और एक्सपर्ट्स के साथ एक्सपोजर कैंप और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल सके।
इस समझौते से न केवल हरियाणा बल्कि देश के बॉक्सिंग इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को दीर्घकालिक स्थिरता मिलने से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निरंतरता बनी रहेगी और खिलाड़ियों को बेहतर करियर प्लानिंग का अवसर मिलेगा। इससे युवा मुक्केबाजों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
खेल विभाग का मानना है कि यह एमओयू खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार और खेल आधारित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। आने वाले वर्षों में रोहतक बॉक्सिंग के एक प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभर सकता है।
कुल मिलाकर, खेल विभाग हरियाणा और भारतीय खेल प्राधिकरण के बीच हुआ यह 20 वर्षीय समझौता प्रदेश के मुक्केबाजों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगा और भारत के बॉक्सिंग भविष्य को नई दिशा देगा।


