RBI MPC Meeting August 2025: RBI की अगस्त MPC बैठक में रेपो रेट 5.5% पर स्थिर रखा गया। महंगाई अनुमान घटकर 3.1% और विकास दर 6.5% पर बरकरार। जानिए पूरी रिपोर्ट।
RBI MPC Meeting August 2025: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) ने अगस्त 2025 की द्विमासिक बैठक में रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मुंबई में इस निर्णय की घोषणा की और कहा कि मौद्रिक नीति का रुख तटस्थ (Neutral) बना रहेगा।
प्रमुख बातें:
रेपो रेट: 5.5% (कोई बदलाव नहीं)
विकास दर (GDP Growth): 6.5% पर बरकरार
मुद्रास्फीति (Inflation): 3.1% (पहले 3.7% थी)
RBI का रुख: तटस्थ
ईएमआई पर असर: कोई बदलाव नहीं
रेपो रेट यथावत, ईएमआई में कोई राहत नहीं
RBI गवर्नर ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ब्याज दरों को स्थिर रखा गया है। इसका मतलब है कि रेपो रेट से जुड़े लोन की EMI में अभी कोई बदलाव नहीं होगा। जून की नीति बैठक में RBI ने 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की थी, जबकि फरवरी से अब तक कुल 100 आधार अंकों की कटौती की जा चुकी है।
महंगाई अनुमान में गिरावट
RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया है।
जून में CPI आधारित खुदरा महंगाई गिरकर 2.1% पर आ गई, जो कि पिछले 6 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। खासतौर पर खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट (-1.06%) की वजह से यह संभव हो पाया।
RBI के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावनाएं मजबूत
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि, “भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ठोस बुनियाद पर खड़ी है। आगामी त्योहारी सीजन से मांग में बढ़ोतरी और बेहतर नतीजे देखने को मिल सकते हैं।” उन्होंने कहा कि मानसून और कृषि उत्पादन के आंकड़े भी सकारात्मक हैं, जिससे ग्रामीण मांग में सुधार की उम्मीद है।
MPC के सदस्य कौन हैं?
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति में 6 सदस्य शामिल होते हैं:
संजय मल्होत्रा (RBI गवर्नर)
पूनम गुप्ता (डिप्टी गवर्नर)
राजीव रंजन (कार्यकारी निदेशक)
नागेश कुमार (निदेशक, IEG)
सौगत भट्टाचार्य (अर्थशास्त्री)
राम सिंह (डायरेक्टर, DSE)
अगस्त MPC बैठक क्यों थी महत्वपूर्ण?
यह बैठक न केवल रेपो रेट पर फैसला लेने के लिए बुलाई गई थी, बल्कि इसके माध्यम से आगामी आर्थिक रणनीति, त्योहारी सीजन के दृष्टिकोण और मुद्रास्फीति नियंत्रण के उपायों को लेकर भी दिशा तय की गई।


