श्री राम जन्मभूमि परिसर में गूंजे “जय श्री राम” के जयकारों के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि भव्य राम मंदिर केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारत के उत्कर्ष और उदय का साक्षी भी बनेगा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“ये भव्य राम मंदिर साक्षी बनेगा भारत के उत्कर्ष का, भारत के उदय का; ये भव्य राम मंदिर साक्षी बनेगा भव्य भारत के अभ्युदय का, विकसित भारत का!”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मंदिर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और करोड़ों रामभक्तों की भावना का अद्वितीय संगम है। उन्होंने कहा कि जहां प्रभु श्री राम की कृपा होती है, वहां सभी के लिए सौभाग्य और विकास के द्वार खुलते हैं।
कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं, संत समाज और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। पूरे अयोध्या में भक्ति, उत्साह और दिव्यता का अनूठा वातावरण देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चारण, भजन-कीर्तन और दीपों की रोशनी से पूरा परिसर आलोकित हो उठा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर केवल एक भव्य वास्तु संरचना नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को संस्कृति, कर्तव्य और मानवता का संदेश देने वाला केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि रामलला की नगरी से उठ रहा यह नया अध्याय एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक भारत की ओर अग्रसर होने का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में देश की शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। अयोध्या में इस आयोजन ने एक बार फिर करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं को एक सूत्र में पिरो दिया।
॥जय श्री राम॥
जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करहिं सब कोई॥
"ये भव्य राम मंदिर साक्षी बनेगा-भारत के उत्कर्ष का, भारत के उदय का, ये भव्य राम मंदिर साक्षी बनेगा-भव्य भारत के अभ्युदय का, विकसित भारत का!
-प्रधानमंत्री श्री @narendramodi pic.twitter.com/cw3YkNkh9O
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) November 25, 2025


