मान सरकार की संरक्षण मुहिम से चटबिर चिड़ियाघर में जनवरी-फरवरी में 80,508 विज़िटर आए; वॉक-इन एवियरी, डायनासोर पार्क और सोलर प्लांट जैसी सुविधाओं से बढ़ा आकर्षण।
भगवंत सिंह मान सरकार की वन्यजीव संरक्षण और जन-जागरूकता बढ़ाने की मुहिम के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। महेंद्र चौधरी जूलॉजिकल पार्क, चटबिर में इस साल के पहले दो महीनों में 80,508 पर्यटकों ने भ्रमण किया, जो लोगों की बढ़ती रुचि और संरक्षण प्रयासों पर भरोसे को दर्शाता है। यह जानकारी वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटरूचक ने साझा की।
मंत्री कटरूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार लगातार लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए काम कर रही है और इसका असर अब ज़मीनी स्तर पर दिख रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में 48,719 और फरवरी में 31,789 पर्यटक चटबिर चिड़ियाघर पहुंचे, जहां वे शांत और सुव्यवस्थित माहौल में पक्षियों व जानवरों की विविध प्रजातियां देखने आए।
चटबिर चिड़ियाघर में हाल के वर्षों में कई संरक्षण-केंद्रित और दर्शक-अनुकूल पहलें की गई हैं। मंत्री ने बताया कि देश का सबसे बड़ा और सबसे लंबा वॉक-इन एवियरी यहां का प्रमुख आकर्षण बन चुका है। इसके साथ ही एक अल्ट्रा-मॉडर्न डायनासोर पार्क भी विकसित किया गया है, जिससे बच्चों और छात्रों के लिए यह स्थल शैक्षणिक और मनोरंजन—दोनों दृष्टि से और अधिक उपयोगी बन गया है।
also read :Oppo Watch S ग्लोबल लॉन्च: 10 दिन की बैटरी, 100+ स्पोर्ट्स मोड और सुपर ब्राइट AMOLED डिस्प्ले के साथ एंट्री
बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर भी जोर दिया गया है। 1,200 मीटर लंबे वाइल्डलाइफ सफारी क्षेत्र में बाउंड्री वॉल को मजबूत किया गया है और 260 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित कर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। इसके अलावा, लायन सफारी में एक क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई गई है ताकि मांसाहारी जानवरों को विशेष उपचार मिल सके। पर्यटकों, खासकर स्कूली बच्चों के लिए ओपन-एयर जू एजुकेशन प्लाजा भी विकसित किया गया है।
राज्य स्तर पर संरक्षण एजेंडा को आगे बढ़ाते हुए पंजाब ने इंडस रिवर डॉल्फिन को राज्य का जलीय जीव घोषित किया है और 13 वन्यजीव अभयारण्यों को प्लास्टिक-फ्री बनाया गया है। साथ ही, हरिके, रोपड़, कंजली, केशोपुर और नंगल सहित राज्य की पांच आर्द्रभूमियों को केंद्र सरकार द्वारा प्राथमिक विकास के लिए चुनी गई 100 वेटलैंड्स की सूची में शामिल किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन पहलों से न केवल पर्यटन और जन-जागरूकता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के दीर्घकालिक लक्ष्यों को भी मजबूती मिल रही है।


