पंजाब सरकार परिवहन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की जायज मांगों के समाधान को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध नजर आ रही है। परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया है कि विभाग के संविदा कर्मचारियों की समस्याओं, विशेषकर नियमितीकरण से जुड़े मुद्दों पर नियमों के तहत सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। इसी क्रम में 3 फरवरी 2026 को परिवहन सचिव के साथ यूनियन सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित की गई है।
यह जानकारी परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने आज यहां पंजाब रोडवेज, पीयूएनबीयूएस/पीआरटीसी संविदा कर्मचारी संघ पंजाब के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान दी। बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने संविदा कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से मंत्री के समक्ष रखा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अस्थायी और संविदा कर्मचारियों को लेकर एक स्पष्ट और संवेदनशील नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के साथ न्याय हो और उन्हें सुरक्षित भविष्य मिले। इसी सोच के तहत नियमितीकरण सहित अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 3 फरवरी को होने वाली बैठक में परिवहन सचिव यूनियन प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी मांगों का नियमों, नीतियों और कानूनी प्रावधानों के तहत परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि ठोस समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि परिवहन विभाग के संविदा कर्मचारी राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और समर्पण के बिना पंजाब रोडवेज, पीयूएनबीयूएस और पीआरटीसी जैसी सेवाओं का सुचारू संचालन संभव नहीं है। इसलिए सरकार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
बैठक के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने नियमितीकरण के साथ-साथ वेतन विसंगतियों, सेवा सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य लाभों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। परिवहन मंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि जो भी मांगें जायज और नियमों के अनुरूप होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
अंत में श्री भुल्लर ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद को सबसे महत्वपूर्ण मानती है। इसी संवाद के माध्यम से समाधान निकलते हैं और औद्योगिक व प्रशासनिक सौहार्द बना रहता है। उन्होंने संविदा कर्मचारियों से भी अपील की कि वे सरकार पर भरोसा रखें, क्योंकि सरकार उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार के इस रुख से परिवहन विभाग के संविदा कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।


