भगवंत मान सरकार ने पंजाब ट्रेड कमीशन की शुरुआत की, 10 जिलों में बैठकें; छोटे व्यापारियों का समय, मेहनत और खर्च बचाने पर फोकस।
पंजाब के छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और उद्यमियों को राहत देने की दिशा में भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब ट्रेड कमीशन के गठन की घोषणा की है। वित्त, उत्पाद एवं कराधान और योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह पहल राज्य के व्यापारिक समुदाय को मजबूत करने और रोजमर्रा के कामकाज को सरल बनाने के लिए शुरू की गई है, ताकि शासन अधिक सुलभ और जवाबदेह बन सके।
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस कमीशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारियों को अब छोटी-छोटी मंजूरियों, विभागीय क्लीयरेंस और नियमित कामों के लिए दफ्तर-दर-दफ्तर भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि वर्षों से छोटे व्यापारी और दुकानदार मामूली कामों के लिए भी अपना कीमती समय अलग-अलग कार्यालयों में चक्कर लगाने में बर्बाद करते रहे हैं। अब इस व्यवस्था को बदलना जरूरी है और सरकार इसे बदलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब ट्रेड कमीशन व्यापारिक समुदाय का समय, मेहनत और पैसा बचाने के लिए एक समर्पित मंच के रूप में काम करेगा। यहां समस्याओं के समाधान के लिए एक तेज और सुचारु व्यवस्था होगी, जिसमें स्पष्ट जवाबदेही और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था रहेगी, ताकि किसी भी शिकायत को अनिश्चितकाल तक लटकाया न जाए।
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इस पहल की तैयारी के तहत राज्य के फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मालेरकोटला, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, बरनाला और बठिंडा जिलों में समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में सरकारी प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और संबंधित टीमों ने स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और ट्रेडर्स के साथ मिलकर कमीशन के संचालन रोडमैप और जिला स्तर पर समन्वय की रणनीति पर चर्चा की।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “व्यापारी और छोटे व्यवसाय राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हमारी सरकार एक ऐसा पंजाब बनाना चाहती है जहां ईमानदार कारोबारी कागजी कार्रवाई, देरी और अनावश्यक परेशानियों में उलझने के बजाय अपने कारोबार को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे सकें।”
उन्होंने दोहराया कि पंजाब ट्रेड कमीशन को जनसेवा, पारदर्शिता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की भावना के साथ बनाया जाएगा। एक ही मंच के तहत व्यापारियों को मार्गदर्शन, सहयोग और त्वरित समाधान मिलेंगे, ताकि शासन उनके लिए काम करे, उनके खिलाफ नहीं।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ व्यापारियों की रोजमर्रा की दिक्कतें कम होंगी, बल्कि राज्य में कारोबारी माहौल भी और बेहतर होगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


