पंजाब की मान सरकार ने शहरी विकास की दिशा में एक और ठोस पहल करते हुए साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) में सड़क अवसंरचना के व्यापक उन्नयन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “नेक्स्ट जेनरेशन रोड रेनोवेशन प्रोग्राम” की शुरुआत की है, जिसके तहत शहर की प्रमुख सड़कों और महत्वपूर्ण चौराहों को आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुचारू करना और नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि मान सरकार प्रदेश में कनेक्टिविटी सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य राजमार्गों, ग्रामीण संपर्क सड़कों के बाद अब सरकार ने पंजाब के सबसे बड़े शहरी केंद्रों में से एक मोहाली पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शहर के मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा सके।
इस योजना के अंतर्गत ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रमुख सड़कों, जंक्शनों और चौराहों का युद्धस्तर पर नवीनीकरण किया जाएगा। परियोजना में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, सड़क चौड़ीकरण, यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन में सुधार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध शामिल हैं। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
सरकार इस परियोजना में केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। चौराहों और प्रमुख मार्गों पर आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग, हरित पट्टियां, लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे, जिससे मोहाली को एक स्वच्छ और आकर्षक शहरी पहचान मिल सके।
मंत्री मुंडियन ने जानकारी दी कि यह पूरी परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर आधारित होगी। इस मॉडल के तहत निर्माण कार्य के साथ-साथ ठेकेदार को 10 वर्षों तक सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इससे निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और लंबे समय तक सड़कों की स्थिति बेहतर बनी रहेगी।
वित्तीय ढांचे के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि परियोजना लागत का 40 प्रतिशत निर्माण अवधि के दौरान राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि ठेकेदार द्वारा निवेश की जाएगी। परियोजना पूर्ण होने के बाद सरकार अगले 10 वर्षों में वार्षिक भुगतान के माध्यम से यह राशि जारी करेगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता, जवाबदेही और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह पहल मोहाली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


