पंजाब सरकार ने लुधियाना के एक ‘घोस्ट स्कूल’ पर शिकंजा कसते हुए उसकी मान्यता रद्द की, 27 छात्रों के रोल नंबर रद्द किए और आपराधिक शिकायत दर्ज की।
पंजाब में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लुधियाना में संचालित एक तथाकथित ‘घोस्ट स्कूल’ के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने दसमेश पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मेहदूदां (स्कूल कोड 3100187) की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप में आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई है।
मंत्री ने बताया कि इस स्कूल द्वारा 12वीं की परीक्षा के लिए 27 छात्रों का पंजीकरण किया गया था, जबकि जांच में सामने आया कि स्कूल के पास न तो प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं थीं और न ही वहां वास्तव में कक्षाएं चल रही थीं। भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी पाया गया कि स्कूल का परिसर किराए पर दिया हुआ था और वहां किसी तरह की शैक्षणिक गतिविधि नहीं हो रही थी। इसके बाद PSEB ने सभी 27 छात्रों के रोल नंबर रद्द कर दिए।
हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “जो संस्थान छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं और ‘घोस्ट स्कूल’ चला रहे हैं, उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें कोई ढील नहीं बरती जाएगी।”
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शिक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल चार अन्य स्कूलों की भी जांच चल रही है, जिन पर इसी तरह की अनियमितताओं का संदेह है। जांच टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तेजी से जांच पूरी करें और अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपें, ताकि दोषी संस्थानों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैंस ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वासन दिया कि सरकार जहां एक ओर गलत काम करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी, वहीं दूसरी ओर वास्तविक और प्रभावित छात्रों के हितों की रक्षा भी करेगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें मार्गदर्शन और पुनर्वास की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की साख बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि पंजाब में शिक्षा के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े पर अब कड़ा प्रहार किया जाएगा।
कुल मिलाकर, सरकार का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जो भी संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित और शिक्षा प्रणाली पारदर्शी बनी रहे।


